हिन्दी बोलने वाले
गलती: [θ] को महाप्राण दंत्य [t̪ʰ] या मूर्धन्य [ʈʰ] से बदलना, जिससे "थैंक यू" जैसा ध्वनि उत्पन्न होती है जो एक स्पर्श ध्वनि है, न कि घर्षण ध्वनि। "you" को पूरे [juː] के साथ अलग शब्दांश की तरह उच्चारित करना।
क्यों: हिन्दी में महाप्राण दंत्य [t̪ʰ] और मूर्धन्य [ʈʰ] दोनों मौजूद हैं, इसलिए [θ] सुनते ही मस्तिष्क इनसे मेल कराता है। लेकिन [θ] एक घर्षण ध्वनि है — जिह्वा और दांतों के बीच केवल संकीर्ण झिरी होती है, स्पर्श नहीं।
सुधार: जिह्वा की नोक को ऊपरी और निचले दांतों के बीच रखें और बिना कंठ ध्वनि के केवल हवा निकालें — यही [θ] है। महाप्राणता (ह-वाला बल) से बचें। "thank" और "you" को एक इकाई की तरह जोड़ें: [ˈθæŋkjə], जहाँ "you" schwa में सिकुड़ता है।