हिन्दी बोलने वाले
गलती: प्रत्येक शब्द को अलग स्पष्ट [t] release के साथ बोलना।
क्यों: हिन्दी की समृद्ध दंत्य/मूर्धन्य स्पर्श ध्वनियाँ [t] को अपनी ओर खींचती हैं और शब्द सीमा पर flap नियम नहीं है।
सुधार: दोनों t स्वरों के बीच flap करते हैं: [ˈnɒɾəˈɾɔːl]। 3 शब्द, 2 ताल। [t] हल्के [d] जैसा। हिन्दी "ड़" [ɽ] अच्छा शुरुआती बिंदु है।